विवरण :
परमिता हिंदी पाठमाला का निर्माण कक्षा एक से आठवीं तक के लिए किया गया है। यह पाठमाला बच्चों में भाषा कौशलों के विकास, जीवन-मूल्य, परिवेशीय सजगता, गहन चिंतन, सामाजिक एवं भावात्मक कौशल, रचनात्मक अभिव्यक्ति आदि का विकास करने में सहायक सिद्ध होगी। इस पाठमाला में संकलित विषय-वस्तु बच्चों की आयु के अनुरूप है तथा उनके आस-पास, समाज, देश और संस्कृति से जुड़ी हुई है, जो उन्हें संवेदनशील, प्रयत्नशील तथा जागरूक बनाएगी।
आकर्षण बिंदु:
- राष्ट्रीय पाठ्यचर्या 2022-23 के दिशा-निर्देशों पर आधारित
- सीखने के निश्चित उद्देश्यों द्वारा विभिन्न कौशलों का विकास
- घर-परिवार, परिवेश, प्रकृति, राष्ट्रप्रेम, संस्कृति, स्वास्थ्य, परोपकार, संवेदनशीलता, उत्साह, प्रेरणा आदि थीम्स पर आधारित रोचक पाठ
- साहित्य की विभिन्न विधाओं का समावेश
- कक्षा 1 में रोचक गतिविधियों द्वारा मात्रा ज्ञान एवं अभिव्यक्ति कौशल का विकास
- कक्षा 2 से 8 तक विभिन्न रोचक तथा बालोपयोगी गतिविधियों का समावेश
- 21वीं सदी के कौशलों पर आधारित अभ्यास-प्रश्नों का समावेश
- योग्यता आधारित अधिगम पर विशेष बल
- मूल्यांकन हेतु आदर्श प्रश्न-पत्रों का समावेश
डॉ. मंजरी शुक्ला (एम. ए., पीएच. डी.)
डॉ. मंजरी शुक्ला हिंदी की सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकार एवं शिक्षाविद हैं। ये एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक निर्माण समूह की प्रमुख सदस्या हैं। इन्होंने बच्चों के लिए पर्याप्त कथा साहित्य का सृजन किया है। इनके द्वारा लिखी गई कहानियाँ देश-विदेश में पढ़ी जाती हैं। इन्हें समय-समय पर अनेकानेक साहित्यिक सम्मान एवं पुरस्कारों से पुरस्कृत किया गया है।
डॉ. सीमा देवी (एम. ए., पीएच. डी.); (सहायक प्राध्यापक हिंदी)
श्रीमती सीमा देवी हिंदी की प्राध्यापक हैं। ये विगत 14 वर्षों से अध्यापन कार्य में रत हैं। ये लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। साथ ही हिंदी पत्र-पत्रिकाओं में बाल साहित्य के लिए निरंतर लेखन कार्य करती रही हैं। समय-समय पर इन्हें अनेक सम्मान तथा पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
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विवरण :
परमिता हिंदी पाठमाला का निर्माण कक्षा एक से आठवीं तक के लिए किया गया है। यह पाठमाला बच्चों में भाषा कौशलों के विकास, जीवन-मूल्य, परिवेशीय सजगता, गहन चिंतन, सामाजिक एवं भावात्मक कौशल, रचनात्मक अभिव्यक्ति आदि का विकास करने में सहायक सिद्ध होगी। इस पाठमाला में संकलित विषय-वस्तु बच्चों की आयु के अनुरूप है तथा उनके आस-पास, समाज, देश और संस्कृति से जुड़ी हुई है, जो उन्हें संवेदनशील, प्रयत्नशील तथा जागरूक बनाएगी।
आकर्षण बिंदु:
- राष्ट्रीय पाठ्यचर्या 2022-23 के दिशा-निर्देशों पर आधारित
- सीखने के निश्चित उद्देश्यों द्वारा विभिन्न कौशलों का विकास
- घर-परिवार, परिवेश, प्रकृति, राष्ट्रप्रेम, संस्कृति, स्वास्थ्य, परोपकार, संवेदनशीलता, उत्साह, प्रेरणा आदि थीम्स पर आधारित रोचक पाठ
- साहित्य की विभिन्न विधाओं का समावेश
- कक्षा 1 में रोचक गतिविधियों द्वारा मात्रा ज्ञान एवं अभिव्यक्ति कौशल का विकास
- कक्षा 2 से 8 तक विभिन्न रोचक तथा बालोपयोगी गतिविधियों का समावेश
- 21वीं सदी के कौशलों पर आधारित अभ्यास-प्रश्नों का समावेश
- योग्यता आधारित अधिगम पर विशेष बल
- मूल्यांकन हेतु आदर्श प्रश्न-पत्रों का समावेश
डॉ. मंजरी शुक्ला (एम. ए., पीएच. डी.)
डॉ. मंजरी शुक्ला हिंदी की सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकार एवं शिक्षाविद हैं। ये एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक निर्माण समूह की प्रमुख सदस्या हैं। इन्होंने बच्चों के लिए पर्याप्त कथा साहित्य का सृजन किया है। इनके द्वारा लिखी गई कहानियाँ देश-विदेश में पढ़ी जाती हैं। इन्हें समय-समय पर अनेकानेक साहित्यिक सम्मान एवं पुरस्कारों से पुरस्कृत किया गया है।
डॉ. सीमा देवी (एम. ए., पीएच. डी.); (सहायक प्राध्यापक हिंदी)
श्रीमती सीमा देवी हिंदी की प्राध्यापक हैं। ये विगत 14 वर्षों से अध्यापन कार्य में रत हैं। ये लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। साथ ही हिंदी पत्र-पत्रिकाओं में बाल साहित्य के लिए निरंतर लेखन कार्य करती रही हैं। समय-समय पर इन्हें अनेक सम्मान तथा पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।