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Raavya Hindi Pathmala, NEP Edition - Class 1favoriteshare
Class: Coursebook
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435
Author: Pranay Kumar and Archana JhaBind: PaperbackISBN: 9789395654005Year: 2023Page: 120
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विवरण​:

‘राव्या’ हिंदी पाठमाला प्रवेशिका से आठवीं कक्षा तक के लिए है। यह पाठमाला वर्तमान परिवेश तथा स्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इन पुस्तकों में जीवन मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण, बाल मनोविज्ञान तथा भाषा के विभिन्न कौशलों को समाहित किया गया है। यह शृंखला पूर्ण रूप से बच्चों की रुचि एवं मानसिक स्तर के अनुकूल है।


‘राव्या’ हिंदी पाठमाला के आकर्षण बिंदु हैं:

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आधारित
प्रवेशिका एवं भाग 1 में रोचक गतिविधियों द्वारा अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ाने पर बल
सुंदर चित्रों , रोचक पाठों और अभ्यास कार्य द्वारा मात्रा ज्ञान
भाग 1 से 5 में गतिविधि हेतु फ़्लैश कार्ड तथा चार्ट का समावेश
भाग 6 से 8 में रचनाकार परिचय, अपठित गद्यांश तथा पद्यांश और ज्ञान वृद्धि 
सीखने के निश्चित उद्देश्यों द्वारा कौशल अभिवृद्धि पर विशेष बल
बच्चों के मानसिक स्तर एवं सामाजिक परिवेश के अनुसार लयात्मक कविताओं तथा पाठों का चयन
विषय संवर्धक गतिविधियों (कल्पना और अनुमान, सोच-समझ की बात तथा कीजिए और सीखिए) का समावेश
श्रवण एवं अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ाने के लिए ‘सुनिए और बताइए’ गतिविधि का समावेश
विभिन्न साहित्यिक विधाओं से संबंधित पाठ
सरल, सहज तथा भावपूर्ण भाषा-शैली का प्रयोग
पाठ्यपुस्तक और अभ्यास पुस्तिका का मिश्रित रूप
अभ्यास प्रश्न-पत्रों का समावेश
लेखक:

'श्री प्रणय कुमार' हिंदी के वरिष्ठ व्याख्याता, स्तंभकार तथा लेखक हैं। ये विगत 20 वर्षों से अध्यापन कार्य में रत हैं। साथ ही हिंदी पत्र-पत्रिकाओं के प्रसिद्ध स्तंभ लेखक के रूप में जाने जाते हैं। वर्तमान में ये एल. के. सिंघानिया एजुकेशन सेंटर, गोटन, राजस्थान से जुड़े हुए हैं।

'श्रीमती अर्चना झा' हिंदी की वरिष्ठ अध्यापिका हैं तथा विगत 12 वर्षों से अध्यापन कार्य में रत हैं। साथ ही हिंदी पत्र-पत्रिकाओं में बाल साहित्य के लिए निरंतर लेखन कार्य करती रही हैं। वर्तमान में ये इंद्रप्रस्थ इंटरनेशनल स्कूल, द्वारका, नई दिल्ली में कार्यरत हैं।

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विवरण​:

‘राव्या’ हिंदी पाठमाला प्रवेशिका से आठवीं कक्षा तक के लिए है। यह पाठमाला वर्तमान परिवेश तथा स्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इन पुस्तकों में जीवन मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण, बाल मनोविज्ञान तथा भाषा के विभिन्न कौशलों को समाहित किया गया है। यह शृंखला पूर्ण रूप से बच्चों की रुचि एवं मानसिक स्तर के अनुकूल है।


‘राव्या’ हिंदी पाठमाला के आकर्षण बिंदु हैं:

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आधारित
प्रवेशिका एवं भाग 1 में रोचक गतिविधियों द्वारा अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ाने पर बल
सुंदर चित्रों , रोचक पाठों और अभ्यास कार्य द्वारा मात्रा ज्ञान
भाग 1 से 5 में गतिविधि हेतु फ़्लैश कार्ड तथा चार्ट का समावेश
भाग 6 से 8 में रचनाकार परिचय, अपठित गद्यांश तथा पद्यांश और ज्ञान वृद्धि 
सीखने के निश्चित उद्देश्यों द्वारा कौशल अभिवृद्धि पर विशेष बल
बच्चों के मानसिक स्तर एवं सामाजिक परिवेश के अनुसार लयात्मक कविताओं तथा पाठों का चयन
विषय संवर्धक गतिविधियों (कल्पना और अनुमान, सोच-समझ की बात तथा कीजिए और सीखिए) का समावेश
श्रवण एवं अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ाने के लिए ‘सुनिए और बताइए’ गतिविधि का समावेश
विभिन्न साहित्यिक विधाओं से संबंधित पाठ
सरल, सहज तथा भावपूर्ण भाषा-शैली का प्रयोग
पाठ्यपुस्तक और अभ्यास पुस्तिका का मिश्रित रूप
अभ्यास प्रश्न-पत्रों का समावेश
लेखक:

'श्री प्रणय कुमार' हिंदी के वरिष्ठ व्याख्याता, स्तंभकार तथा लेखक हैं। ये विगत 20 वर्षों से अध्यापन कार्य में रत हैं। साथ ही हिंदी पत्र-पत्रिकाओं के प्रसिद्ध स्तंभ लेखक के रूप में जाने जाते हैं। वर्तमान में ये एल. के. सिंघानिया एजुकेशन सेंटर, गोटन, राजस्थान से जुड़े हुए हैं।

'श्रीमती अर्चना झा' हिंदी की वरिष्ठ अध्यापिका हैं तथा विगत 12 वर्षों से अध्यापन कार्य में रत हैं। साथ ही हिंदी पत्र-पत्रिकाओं में बाल साहित्य के लिए निरंतर लेखन कार्य करती रही हैं। वर्तमान में ये इंद्रप्रस्थ इंटरनेशनल स्कूल, द्वारका, नई दिल्ली में कार्यरत हैं।

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